सूरः अन् निसा-4

सूरः अन् निसा-4 आयत नं. 10:- जो लोग जुल्म के साथ यतीमों (बेसहाराओं) का माल खाते हैं, वास्तव में वे अपने पेट आग से भरते हैं और वे जरूर जहन्नम की भड़कती हुई आग में झोंके जाएँगे अर्थात् वे नरक में जाएँगे।

सूरः अन् निसा-4 आयत नं. 9:- (उन) लोगों को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि अगर वे स्वयं अपने मरने के पश्चात् बच्चे छोड़ते तो मरते समय उनको कैसी कुछ आशंकाएँ घेरती? इसलिए चाहिए कि वे अल्लाह से डरें और ठीक बात करें।

सूरः अन् निसा-4 आयत नं. 36:- अल्लाह की भक्ति करो। आन-उपासना न करो। माता-पिता, नातेदारों, यतीमों, मुहताजों, पड़ोसी, मुसाफिर (यात्रा के साथी) उन दास-दासियों से जो तुम्हारे अधिकार में हों, सबके साथ अच्छा व्यवहार करो। यकीन जानो! अल्लाह किसी ऐसे व्यक्ति को पसंद नहीं करता जो डींग मारने वाला हो और अपनी बड़ाई पर गर्व करे।