अध्याय 1 श्लोक 43

दोषैः, एतैः, कुलघ्नानाम्, वर्णसंकरकारकैः,
उत्साद्यन्ते, जातिधर्माः, कुलधर्माः, च, शाश्वताः ।।43।।

अनुवाद: (एतैः) इन (वर्णसंकरकारकैः) वर्णसंकरकारक (दोषैः) दोषोंसे (कुलघ्नानाम्) कुलघातियोंके (शाश्वताः) सनातन (कुलधर्माः) कुल-धर्म (च) और (जातिधर्माः) जाति- धर्म (उत्साद्यन्ते) नष्ट हो जाते हैं। (43)

हिन्दी: इन वर्णसंकरकारक दोषों से कुलघातियों के सनातन कुल-धर्म और जाति- धर्म नष्ट हो जाते हैं। (43)