अध्याय 16 श्लोक 24

तस्मात्, शास्त्राम्, प्रमाणम्, ते, कार्याकार्यव्यवस्थितौ,
ज्ञात्वा, शास्त्रविधानोक्तम्, कर्म, कर्तुम्, इह, अर्हसि ।।24।।

अनुवाद: (तस्मात्) इससे (ते) तेरे लिये (कार्याकार्यव्यवस्थितौ) कर्तव्य और अकर्तव्यकी व्यवस्थामें (शास्त्राम्) शास्त्र ही (प्रमाणम्) प्रमाण है (इह) इसे (ज्ञात्वा) जानकर (शास्त्रविधानोक्तम्) शास्त्रविधिसे नियत (कर्म) कर्म ही (कर्तुम्) करने (अर्हसि) योग्य है। (24)

हिन्दी: इससे तेरे लिये कर्तव्य और अकर्तव्यकी व्यवस्थामें शास्त्र ही प्रमाण है इसे जानकर शास्त्रविधिसे नियत कर्म ही करने योग्य है।