verse 35
एतान्, न, हन्तुम्, इच्छामि, घ्नतः, अपि, मधुसूदन,
अपि त्रौलोक्यराज्यस्य, हेतोः, किम्, नु, महीकृते ।।35।।
अनुवाद: (मधुसूदन) हे मधुसूदन! मुझे (घ्नतः) मारनेपर (अपि) भी अथवा (त्रौलोक्यराज्यस्य) तीनों लोकोंके राज्यके (हेतोः) लिये (अपि) भी मैं (एतान्) इन सबको (हन्तुम्) मारना (न) नहीं (इच्छामि) चाहता फिर (महीकृते) पृथ्वीके लिये तो (नु किम्) कहना ही क्या है?। (35)
हिन्दी: हे मधुसूदन! मुझे मारने पर भी अथवा तीनों लोकों के राज्यके लिये भी मैं इन सबको मारना नहीं चाहता फिर पृथ्वी के लिये तो कहना ही क्या है?। (36)