अध्याय 2 श्लोक 24

अच्छेद्यः, अयम्, अदाह्यः, अयम्, अक्लेद्यः, अशोष्यः, एव, च,
नित्यः, सर्वगतः, स्थाणुः, अचलः, अयम्, सनातनः ।।24।।

अनुवाद: (अयम्) यह (अच्छेद्यः) अच्छेद्य है (अयम्) यह परमात्मा (अदाह्यः) अदाह्य (अक्लेद्यः) अक्लेद्य (च) और (एव) निःसंदेह (अशोष्यः) अशोष्य है तथा (अयम्) यह परमात्मा (नित्यः) नित्य (सर्वगतः) सर्वव्यापी (अचलः) अचल (स्थाणुः) स्थिर रहनेवाला और (सनातनः) सनातन है। (24)

हिन्दी: यह अच्छेद्य है यह परमात्मा अदाह्य अक्लेद्य और निःसंदेह अशोष्य है तथा यह परमात्मा नित्य सर्वव्यापी अचल स्थिर रहनेवाला और सनातन है।